Spotlight on: Jewelry Trends in India/in Hindi

The Beauty of Jewelry in India

Hindi

Surav Thakrar 

भारत देश का ज्वेलरी मार्केट विशाल बिक्री करनेवाला गतिशील मार्केट है। भारतीय आभूषण कारीगरी स्त्रैण और लोकाचार के अनुरूप है। युवा पीढ़ी आधुनिक और समकालीन आभूषण ज्यादा पसंद करती है और पारंपरिक और भारी आभूषण कम पसंद करती है। यूके, मिडिल-ईस्ट और चीन की युवा पीढ़ी ज्यादा मात्रा में भारतीय आभूषण की ओर तेज़ी से आकर्षित हो रही है।

इस वक़्त मिलने वाले भारतीय आभूषण ज्यादातर हस्तनिर्मित होते है। भारत देश उन प्रमुख देशो में से एक था जो गहने बनाने के लिए धातु और खनिज का इस्तेमाल करते थे। भारत का करीबन ९६% जेवेलरी मार्केट पारिवारिक व्यवसाय से चलता है। कुछ उल्लेखनीय नाम जैसे की टाटा का तनिष्क, गीली ज्वेलरी और कल्याण ज्वेलर्स जवाहरात और ज्वेलरी मार्केट का बाकि का ४% निर्मित करता है।

भारत में मौजूद आभूषण कारीगरी ज्यादातर प्राकृतिक होती है जैसे की फूल, पत्ते, टहनियां और लता। इसका उपयोग प्रारंभिक सभ्यताओं द्वारा किया गया था, जबकि वे अपने शरीर को सजने सवारने के लिए प्राकृतिक आभूषणों का उपयोग करते थे। कारीगरी की एक विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध है और सबसे दिलचस्प तथ्य यह है कि प्रत्येक टुकड़ा अद्वितीय है क्योंकि वे विभिन्न शैलियों में बनाये गए हैं।
भारत में विभिन्न प्रकार के गहने जैसे की कृत्रिम पत्थर, कुंदन, मीनाकारी, फुल्की, गुलोबंद, पोलखी, जोनबीरी और झिम्की उपलब्ध है।

स्वर्ण आभूषण हमेशा भारतीय महिलाओं के लिए सबसे अनुपम और निकटतम पसंद रहा है। सोने के गहनों से संबंधित मान्यताओ का संपूर्ण परिवर्तन हुआ है। समकालीन कारीगरी पारंपरिक कपड़े और समारोह के कपड़े पर एकदम योग्य जचती हैं।
सोने के हार, सोने के झुमके और सोने के बाजूबंद पूरी तरह से जीन्स और टॉप के साथ जचते हैं।


 

Mr. Thakrar has been published in many newspapers and magazines both online and in print. He also has worked in the fashion industry and writes often for Internationally Known as a featured writer with an emphasis on Fashion and Lifestyle.

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